📍 महाकाल परिसर
मंदिर का परिचय
यह मंदिर उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर के परिसर में स्थित है, विशेष रूप से ओंकारेश्वर मंदिर के पीछे। यह "84 महादेव" श्रृंखला का सातवाँ मंदिर माना जाता है।

📍 महाकाल परिसर
यह मंदिर उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर के परिसर में स्थित है, विशेष रूप से ओंकारेश्वर मंदिर के पीछे। यह "84 महादेव" श्रृंखला का सातवाँ मंदिर माना जाता है।

कहा जाता है कि एक बार देवऋषि नारद स्वर्गलोक में इंद्र देव के दर्शन करने गए। वहाँ इंद्र देव ने नारद मुनि से महाकाल वन का माहात्म्य पूछा। नारद मुनि ने बताया कि महाकाल वन सभी तीर्थों में श्रेष्ठ है, जहाँ साक्षात महेश्वर अपने गणों सहित निवास करते हैं। वहाँ साठ करोड़ लिंग और नव करोड़ शक्तियाँ निवास करती हैं। यह सुनकर इंद्र और अन्य देवता महाकाल वन पहुँचे और वहाँ आकाशवाणी हुई कि वे सभी देवता मिलकर एक लिंग की स्थापना करें। इसके बाद देवताओं ने त्रिविष्टपेश्वर महादेव की स्थापना की और उनका विधिवत पूजन अर्चन किया।
यह मंदिर उन भक्तों के लिए विशेष है जो मनोकामनाओं की पूर्ति की इच्छा रखते हैं। विशेष रूप से अष्टमी, चतुर्दशी और संक्रांति के दिन यहाँ पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
यहाँ प्रतिदिन श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने आते हैं। विशेष अवसरों पर यहाँ विशेष पूजा आयोजित की जाती है, जिससे भक्तों को मानसिक शांति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
यह मंदिर "84 महादेव" श्रृंखला का सातवाँ मंदिर है।
मंदिर का वातावरण शांत और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर है।
उज्जैन के चौरासी महादेवों से जुड़ी जानकारी समय, स्थान और परंपराओं के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल श्रद्धालुओं को सामान्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक जानकारी देना है। इसे किसी भी प्रकार की आधिकारिक या अंतिम सत्य जानकारी नहीं माना जाना चाहिए।