📍 मोदी की गली
मंदिर का परिचय
यह प्राचीन मंदिर उज्जैन के मोदी की गली में, बड़े दरवाजे के पास स्थित है और यह स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण आस्था स्थल माना जाता है।

📍 मोदी की गली
यह प्राचीन मंदिर उज्जैन के मोदी की गली में, बड़े दरवाजे के पास स्थित है और यह स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण आस्था स्थल माना जाता है।

प्राचीन काल में राक्षस तुहुण्ड ने देवताओं को पराजित कर स्वर्ग से निष्कासित कर दिया था। देवताओं ने महर्षि नारद से मार्गदर्शन प्राप्त किया और महाकाल वन में स्थित ईशानेश्वर शिवलिंग की पूजा की। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने एक प्रचंड अग्नि का रूप लिया, जिससे तुहुण्ड और उसके सभी राक्षसों का संहार हुआ। इस विजय के बाद देवताओं ने इस स्थान को "ईशानेश्वर महादेव" के नाम से जाना।
प्राचीन काल में राक्षस तुहुण्ड ने देवताओं को पराजित कर स्वर्ग से निष्कासित कर दिया था। देवताओं ने महर्षि नारद से मार्गदर्शन प्राप्त किया और महाकाल वन में स्थित ईशानेश्वर शिवलिंग की पूजा की। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने एक प्रचंड अग्नि का रूप लिया, जिससे तुहुण्ड और उसके सभी राक्षसों का संहार हुआ। इस विजय के बाद देवताओं ने इस स्थान को "ईशानेश्वर महादेव" के नाम से जाना।
प्राचीन काल में राक्षस तुहुण्ड ने देवताओं को पराजित कर स्वर्ग से निष्कासित कर दिया था। देवताओं ने महर्षि नारद से मार्गदर्शन प्राप्त किया और महाकाल वन में स्थित ईशानेश्वर शिवलिंग की पूजा की। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने एक प्रचंड अग्नि का रूप लिया, जिससे तुहुण्ड और उसके सभी राक्षसों का संहार हुआ। इस विजय के बाद देवताओं ने इस स्थान को "ईशानेश्वर महादेव" के नाम से जाना।
उज्जैन के चौरासी महादेवों से जुड़ी जानकारी समय, स्थान और परंपराओं के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल श्रद्धालुओं को सामान्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक जानकारी देना है। इसे किसी भी प्रकार की आधिकारिक या अंतिम सत्य जानकारी नहीं माना जाना चाहिए।