📍 कोटितीर्थ
मंदिर का परिचय
श्री चन्द्रादित्येश्वर महादेव मंदिर मध्यप्रदेश के उज्जैन नगर में स्थित है और यह 84 महादेव की पावन श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण मंदिर माना जाता है। यह स्थान प्राचीन काल से ही श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र रहा है तथा खगोलीय और आध्यात्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।
पौराणिक कथा
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, श्री चन्द्रादित्येश्वर महादेव भगवान शिव के उस दिव्य स्वरूप का प्रतीक हैं जहाँ चन्द्र (चाँद) और आदित्य (सूर्य) की शक्तियाँ एक साथ समाहित मानी जाती हैं।
कहा जाता है कि इस स्थान पर की गई शिव-आराधना से जीवन में संतुलन, तेज और शीतलता दोनों का समन्वय होता है।
भगवान शिव यहाँ चन्द्रादित्येश्वर महादेव के रूप में विराजमान होकर भक्तों को मानसिक शांति, तेजस्विता और आरोग्य का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
महत्व
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, श्री चन्द्रादित्येश्वर महादेव भगवान शिव के उस दिव्य स्वरूप का प्रतीक हैं जहाँ चन्द्र (चाँद) और आदित्य (सूर्य) की शक्तियाँ एक साथ समाहित मानी जाती हैं।
कहा जाता है कि इस स्थान पर की गई शिव-आराधना से जीवन में संतुलन, तेज और शीतलता दोनों का समन्वय होता है।
भगवान शिव यहाँ चन्द्रादित्येश्वर महादेव के रूप में विराजमान होकर भक्तों को मानसिक शांति, तेजस्विता और आरोग्य का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
आस्था और दर्शन
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, श्री चन्द्रादित्येश्वर महादेव भगवान शिव के उस दिव्य स्वरूप का प्रतीक हैं जहाँ चन्द्र (चाँद) और आदित्य (सूर्य) की शक्तियाँ एक साथ समाहित मानी जाती हैं।
कहा जाता है कि इस स्थान पर की गई शिव-आराधना से जीवन में संतुलन, तेज और शीतलता दोनों का समन्वय होता है।
भगवान शिव यहाँ चन्द्रादित्येश्वर महादेव के रूप में विराजमान होकर भक्तों को मानसिक शांति, तेजस्विता और आरोग्य का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
विशेष जानकारी
यह मंदिर शांत एवं दिव्य वातावरण के लिए जाना जाता है।
मान्यता है कि यहाँ जलाभिषेक एवं रुद्राभिषेक करने से मानसिक शांति की प्राप्ति होती है।
84 महादेव परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह एक महत्वपूर्ण दर्शन स्थल है।
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