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मंदिर का परिचय
यह पवित्र शिव मंदिर मध्यप्रदेश के उज्जैन नगर में स्थित है और 84 महादेव की पावन परंपरा का एक महत्वपूर्ण स्थल माना जाता है। यह स्थान प्राचीन काल से ही श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र रहा है। दूर-दूर से भक्त यहाँ भगवान शिव के दर्शन हेतु आते हैं और अपनी मनोकामनाएँ अर्पित करते हैं।
पौराणिक कथा
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, श्री कुसुमेश्वर महादेव भगवान शिव के उस कोमल एवं कल्याणकारी स्वरूप का प्रतीक हैं, जो प्रेम, शांति और सौहार्द प्रदान करते हैं। कहा जाता है कि इस स्थान पर पुष्पों (कुसुम) से भगवान शिव की आराधना करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। भगवान शिव यहाँ कुसुमेश्वर महादेव के रूप में विराजमान होकर भक्तों को मानसिक शांति, संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। यहाँ की गई पूजा-अर्चना से नकारात्मक प्रभावों का नाश होता है।
महत्व
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, श्री कुसुमेश्वर महादेव भगवान शिव के उस कोमल एवं कल्याणकारी स्वरूप का प्रतीक हैं, जो प्रेम, शांति और सौहार्द प्रदान करते हैं। कहा जाता है कि इस स्थान पर पुष्पों (कुसुम) से भगवान शिव की आराधना करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। भगवान शिव यहाँ कुसुमेश्वर महादेव के रूप में विराजमान होकर भक्तों को मानसिक शांति, संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। यहाँ की गई पूजा-अर्चना से नकारात्मक प्रभावों का नाश होता है।
आस्था और दर्शन
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, श्री कुसुमेश्वर महादेव भगवान शिव के उस कोमल एवं कल्याणकारी स्वरूप का प्रतीक हैं, जो प्रेम, शांति और सौहार्द प्रदान करते हैं। कहा जाता है कि इस स्थान पर पुष्पों (कुसुम) से भगवान शिव की आराधना करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। भगवान शिव यहाँ कुसुमेश्वर महादेव के रूप में विराजमान होकर भक्तों को मानसिक शांति, संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। यहाँ की गई पूजा-अर्चना से नकारात्मक प्रभावों का नाश होता है।
विशेष जानकारी
यहाँ पूजा करने से जीवन में शांति, स्थिरता और आत्मविश्वास की वृद्धि होती है।
यह स्थान विशेष रूप से ध्यान, साधना और शांत चित्त से शिव भक्ति के लिए प्रसिद्ध है।
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