📍 भैरवगढ़
मंदिर का परिचय
यह मंदिर उज्जैन के भेरूगढ़ क्षेत्र में स्थित सिद्धनाथ मंदिर के मुख्य द्वार के पास है। इसे “84 महादेव” श्रृंखला का ग्यारहवाँ मंदिर माना जाता है।

📍 भैरवगढ़
यह मंदिर उज्जैन के भेरूगढ़ क्षेत्र में स्थित सिद्धनाथ मंदिर के मुख्य द्वार के पास है। इसे “84 महादेव” श्रृंखला का ग्यारहवाँ मंदिर माना जाता है।

पुराणों के अनुसार, देवदारु वन में अनेक ब्राह्मण तप करने लगे पर उन्हें सिद्धि नहीं मिली। फिर आकाशवाणी हुई कि सभी मिलकर महाकाल वन में स्थित शिवलिंग की पूजा करें। उन्होंने वही किया, और उन्हें सिद्धि प्राप्त हुई। उसी दिव्य लिंग की पूजा से उन्होंने अलौकिक सिद्धियाँ प्राप्त कीं—उन्हें “सिद्धेश्वर” के नाम से जाना गया क्योंकि वह शिवलिंग सिद्धि का वरदान देता है।
कहते हैं कि यदि कोई व्यक्ति छह महीने तक नियमित रूप से इस मंदिर के दर्शन करता है तो उसे वांछित सिद्धि प्राप्त होती है। साथ ही, कृष्णपक्ष की अष्टमी व चतुर्दशी के दिन दर्शन करने पर शिवलोक की प्राप्ति होती है।
सिद्धनाथ तीर्थगामी श्रद्धालु अक्सर इस मंदिर में रुककर पूजा और दर्शन करते हैं। यह मंदिर भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा और शांति प्रदान करता है। (लोक आस्था और धार्मिक प्रवृत्ति पर आधारित)
यह “84 महादेव” श्रृंखला का ग्यारहवाँ मंदिर (11/84) है।
यह मंदिर भक्तों के लिए सिद्धि और मोक्ष की प्राप्ति का केन्द्र माना जाता है।
उज्जैन के चौरासी महादेवों से जुड़ी जानकारी समय, स्थान और परंपराओं के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल श्रद्धालुओं को सामान्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक जानकारी देना है। इसे किसी भी प्रकार की आधिकारिक या अंतिम सत्य जानकारी नहीं माना जाना चाहिए।