📍 हरसिद्धि मंदिर के पीछे
मंदिर का परिचय
अगस्त्येश्वर महादेव मंदिर उज्जैन के हरसिद्धि माता मंदिर के पीछे, संतोषी माता मंदिर परिसर में स्थित है। यह मंदिर “84 महादेव” श्रृंखला का पहला मंदिर माना जाता है।

📍 हरसिद्धि मंदिर के पीछे
अगस्त्येश्वर महादेव मंदिर उज्जैन के हरसिद्धि माता मंदिर के पीछे, संतोषी माता मंदिर परिसर में स्थित है। यह मंदिर “84 महादेव” श्रृंखला का पहला मंदिर माना जाता है।

एक समय ऋषि अगस्त्य को ब्रह्महत्या का पाप लग गया था।
पाप से मुक्ति पाने के लिए वे उज्जैन (महाकालवन) आए और यहाँ कठोर तपस्या करने लगे।
उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें दर्शन दिए और वरदान दिया कि उनका पाप नष्ट हो गया है।
उसी स्थान पर भगवान शिव ने स्वयं को लिंग स्वरूप में प्रकट किया और यह स्थान “अगस्त्येश्वर महादेव” के नाम से प्रसिद्ध हो गया।
मान्यता है कि इस शिवलिंग की पूजा करने से पापों का नाश होता है और भक्त को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
यह मंदिर उन प्रमुख स्थानों में से एक है जहाँ ऋषियों और तपस्वियों ने भगवान शिव की आराधना की।
84 महादेव" यात्रा का पहला पड़ाव होने के कारण इसका महत्व और भी बढ़ जाता है।
यहाँ प्रतिदिन स्थानीय लोग और भक्त आकर पूजा-अर्चना करते हैं।
विशेष रूप से सावन और महाशिवरात्रि पर यहाँ श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है।
मान्यता है कि यहाँ जल अर्पण करने से सभी कष्ट दूर होते हैं।
इस मंदिर का उल्लेख "84 महादेव" श्रृंखला में सबसे पहले आता है।
यह मंदिर महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग से बहुत नजदीक स्थित है।
मंदिर का वातावरण बेहद शांत और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर माना जाता है।
उज्जैन के चौरासी महादेवों से जुड़ी जानकारी समय, स्थान और परंपराओं के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल श्रद्धालुओं को सामान्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक जानकारी देना है। इसे किसी भी प्रकार की आधिकारिक या अंतिम सत्य जानकारी नहीं माना जाना चाहिए।