📍 हरसिद्धि मार्ग
मंदिर का परिचय
डमरूकेश्वर महादेव मंदिर उज्जैन के हरसिद्धि मार्ग पर, राम सीढ़ी के ऊपर स्थित है। यह "84 महादेव" श्रृंखला का चौथा मंदिर माना जाता है।

📍 हरसिद्धि मार्ग
डमरूकेश्वर महादेव मंदिर उज्जैन के हरसिद्धि मार्ग पर, राम सीढ़ी के ऊपर स्थित है। यह "84 महादेव" श्रृंखला का चौथा मंदिर माना जाता है।

एक समय असुर वज्रासुर ने देवताओं को स्वर्ग से निकालकर धरती पर आतंक मचा दिया। देवताओं और ऋषियों ने भगवान शिव से प्रार्थना की।
भगवान शिव ने डमरू से प्रहार कर एक दिव्य लिंग उत्पन्न किया। इस लिंग से ज्वाला निकली और वज्रासुर का वध हुआ।
इसी कारण इस स्थान का नाम डमरूकेश्वर पड़ा, क्योंकि यह शिव के डमरू से जुड़ा हुआ है।
मान्यता है कि यहाँ दर्शन करने से सभी पापों का नाश होता है और भक्त को साहस एवं विजय की प्राप्ति होती है।
यह स्थान उन भक्तों के लिए विशेष है जो कठिनाइयों और चुनौतियों से उबरना चाहते हैं।
यहाँ प्रतिदिन भक्त शिवलिंग का अभिषेक करते हैं।
सावन और महाशिवरात्रि पर विशेष पूजन और भीड़ होती है।
यहाँ जल अर्पण करने से कष्ट दूर होते हैं और शुभ फल मिलता है।
यह मंदिर हरसिद्धि माता मंदिर के मार्ग पर स्थित है।
"84 महादेव" यात्रा में चौथे स्थान पर आता है।
मंदिर के चारों ओर शांत और आध्यात्मिक वातावरण है।
उज्जैन के चौरासी महादेवों से जुड़ी जानकारी समय, स्थान और परंपराओं के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल श्रद्धालुओं को सामान्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक जानकारी देना है। इसे किसी भी प्रकार की आधिकारिक या अंतिम सत्य जानकारी नहीं माना जाना चाहिए।