📍 उर्दूपुरा, गोघाट
मंदिर का परिचय
यह पवित्र शिव मंदिर मध्यप्रदेश के उज्जैन नगर में स्थित है और 84 महादेव की पावन परंपरा का एक महत्वपूर्ण स्थल माना जाता है। यह स्थान प्राचीन काल से ही श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र रहा है। दूर-दूर से भक्त यहाँ भगवान शिव के दर्शन हेतु आते हैं और अपनी मनोकामनाएँ अर्पित करते हैं।
पौराणिक कथा
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, श्री धनु सहस्त्रेश्वर महादेव भगवान शिव के उस दिव्य और शक्तिशाली स्वरूप का प्रतीक हैं जो असंख्य धनुषों के अधिपति माने जाते हैं। कहा जाता है कि इस स्थान पर की गई शिव-आराधना से जीवन में आने वाली कठिनाइयाँ दूर होती हैं और भक्तों को साहस, सामर्थ्य तथा आत्मबल की प्राप्ति होती है। भगवान शिव यहाँ धनु सहस्त्रेश्वर महादेव के रूप में विराजमान होकर , सुरक्षा और आध्यात्मिक शक्ति का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
महत्व
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, श्री धनु सहस्त्रेश्वर महादेव भगवान शिव के उस दिव्य और शक्तिशाली स्वरूप का प्रतीक हैं जो असंख्य धनुषों के अधिपति माने जाते हैं। कहा जाता है कि इस स्थान पर की गई शिव-आराधना से जीवन में आने वाली कठिनाइयाँ दूर होती हैं और भक्तों को साहस, सामर्थ्य तथा आत्मबल की प्राप्ति होती है। भगवान शिव यहाँ धनु सहस्त्रेश्वर महादेव के रूप में विराजमान होकर , सुरक्षा और आध्यात्मिक शक्ति का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
आस्था और दर्शन
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, श्री धनु सहस्त्रेश्वर महादेव भगवान शिव के उस दिव्य और शक्तिशाली स्वरूप का प्रतीक हैं जो असंख्य धनुषों के अधिपति माने जाते हैं। कहा जाता है कि इस स्थान पर की गई शिव-आराधना से जीवन में आने वाली कठिनाइयाँ दूर होती हैं और भक्तों को साहस, सामर्थ्य तथा आत्मबल की प्राप्ति होती है। भगवान शिव यहाँ धनु सहस्त्रेश्वर महादेव के रूप में विराजमान होकर , सुरक्षा और आध्यात्मिक शक्ति का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
विशेष जानकारी
यहाँ पूजा करने से जीवन में स्थिरता, आत्मविश्वास और साहस की वृद्धि होती है।
यह स्थान विशेष रूप से ध्यान, साधना और शिव भक्ति के लिए प्रसिद्ध है।
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