चौरासी महादेवUjjain, M.P.
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श्री पिशाचमुक्तेश्वर महादेव

रामघाट

📍 रामघाट

मंदिर का परिचय

श्री केदारेश्वर महादेव मंदिर मध्यप्रदेश के उज्जैन नगर में स्थित है और यह 84 महादेव श्रृंखला का 67वाँ मंदिर माना जाता है। यह मंदिर प्राचीन काल से ही शिवभक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। 84 महादेव परिक्रमा के दौरान श्रद्धालु यहाँ विशेष रूप से दर्शन करने आते हैं।

श्री पिशाचमुक्तेश्वर महादेव

पौराणिक कथा

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस स्थान पर भगवान शिव ने अपने पिशाचमुक्तेश्वर स्वरूप में प्रकट होकर भक्तों को नकारात्मक शक्तियों, भय और मानसिक बाधाओं से मुक्ति प्रदान की थी।
कहा जाता है कि जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से यहाँ पूजा-अर्चना करता है, उसे मानसिक कष्ट, डर और अशुभ प्रभावों से राहत मिलती है।
भगवान शिव यहाँ पिशाचमुक्तेश्वर महादेव के रूप में विराजमान होकर भक्तों को संरक्षण और शांति का आशीर्वाद देते हैं।

महत्व

यहाँ दर्शन करने से मानसिक शांति और आत्मिक बल की प्राप्ति होती है।
यह मंदिर रक्षा, शुद्धि और आत्मिक बल का प्रतीक माना जाता है।
84 महादेव यात्रा का 68वाँ पड़ाव होने के कारण इसका विशेष धार्मिक महत्व है।

आस्था और दर्शन

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस स्थान पर भगवान शिव ने अपने पिशाचमुक्तेश्वर स्वरूप में प्रकट होकर भक्तों को नकारात्मक शक्तियों, भय और मानसिक बाधाओं से मुक्ति प्रदान की थी।
कहा जाता है कि जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से यहाँ पूजा-अर्चना करता है, उसे मानसिक कष्ट, डर और अशुभ प्रभावों से राहत मिलती है।
भगवान शिव यहाँ पिशाचमुक्तेश्वर महादेव के रूप में विराजमान होकर भक्तों को संरक्षण और शांति का आशीर्वाद देते हैं।

विशेष जानकारी

यह मंदिर शांत एवं दिव्य वातावरण के लिए जाना जाता है।
मान्यता है कि यहाँ जलाभिषेक एवं रुद्राभिषेक करने से मानसिक शांति की प्राप्ति होती है।
84 महादेव परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह एक महत्वपूर्ण दर्शन स्थल है।

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महत्वपूर्ण सूचना (Disclaimer)

उज्जैन के चौरासी महादेवों से जुड़ी जानकारी समय, स्थान और परंपराओं के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल श्रद्धालुओं को सामान्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक जानकारी देना है। इसे किसी भी प्रकार की आधिकारिक या अंतिम सत्य जानकारी नहीं माना जाना चाहिए।