चौरासी महादेवUjjain, M.P.
होम / 84 महादेव / श्री कुक्कुटेश्वर महादेव
21 / 84

श्री कुक्कुटेश्वर महादेव

उज्जैन नगर

📍 उज्जैन नगर

मंदिर का परिचय

यह पवित्र शिव मंदिर मध्यप्रदेश के उज्जैन नगर में स्थित है और “84 महादेव” की पावन श्रृंखला का एक प्रमुख शिवालय माना जाता है। यह स्थान प्राचीन काल से श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र रहा है, जहाँ दूर-दूर से भक्त दर्शन हेतु आते हैं।

श्री कुक्कुटेश्वर महादेव

पौराणिक कथा

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस स्थान का संबंध भगवान शिव के कुक्कुट (मुर्गा) स्वरूप अथवा उससे जुड़ी दिव्य कथा से माना जाता है। कहा जाता है कि यहाँ भगवान शिव ने अपने भक्तों की अज्ञानता और आलस्य को दूर करने हेतु लिंग स्वरूप में वास किया। इसी कारण इस शिवलिंग को “कुक्कुटेश्वर महादेव” कहा जाता है। मान्यता है कि यहाँ पूजा-अर्चना करने से जागृति, साहस और जीवन में नई ऊर्जा का संचार होता है।

महत्व

इस मंदिर का विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व है। यहाँ दर्शन करने से भक्तों को आत्मबल, अनुशासन और मानसिक स्पष्टता की प्राप्ति होती है। विशेष रूप से सोमवार, प्रदोष तथा महाशिवरात्रि के दिन यहाँ पूजा करना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।

आस्था और दर्शन

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस स्थान का संबंध भगवान शिव के कुक्कुट (मुर्गा) स्वरूप अथवा उससे जुड़ी दिव्य कथा से माना जाता है। कहा जाता है कि यहाँ भगवान शिव ने अपने भक्तों की अज्ञानता और आलस्य को दूर करने हेतु लिंग स्वरूप में वास किया। इसी कारण इस शिवलिंग को “कुक्कुटेश्वर महादेव” कहा जाता है। मान्यता है कि यहाँ पूजा-अर्चना करने से जागृति, साहस और जीवन में नई ऊर्जा का संचार होता है।

विशेष जानकारी

यह स्थान भक्तों के जीवन में उत्साह, जागरूकता और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करता है।
यह मंदिर उज्जैन के प्रमुख शिव मंदिरों में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है
यह मंदिर कठिन परिस्थितियों में शिव भक्ति का प्रतीक माना जाता है। मंदिर का वातावरण शांत, पवित्र और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण है।

← श्री प्रतिहारेश्वर महादेव श्री कर्कटेश्वर महादेव →

महत्वपूर्ण सूचना (Disclaimer)

उज्जैन के चौरासी महादेवों से जुड़ी जानकारी समय, स्थान और परंपराओं के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल श्रद्धालुओं को सामान्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक जानकारी देना है। इसे किसी भी प्रकार की आधिकारिक या अंतिम सत्य जानकारी नहीं माना जाना चाहिए।