📍 कार्तिक चौक
मंदिर का परिचय
श्री अविमुक्तेश्वर महादेव मंदिर उज्जैन नगरी में स्थित एक प्राचीन एवं पवित्र शिवालय है। यह मंदिर महाकाल क्षेत्र की दिव्य आध्यात्मिक परंपरा से जुड़ा हुआ है और “84 महादेव” की पावन श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण स्थल माना जाता है।
पौराणिक कथा
पौराणिक ग्रंथों के अनुसार “अविमुक्त क्षेत्र” वह स्थान है जिसे भगवान शिव कभी नहीं छोड़ते।
मान्यता है कि स्वयं भगवान शिव इस क्षेत्र में सदैव विराजमान रहते हैं और भक्तों की रक्षा करते हैं।
इसी कारण यहाँ स्थापित शिवलिंग “अविमुक्तेश्वर महादेव” के नाम से प्रसिद्ध हुआ
कहा जाता है कि मृत्यु के समय इस क्षेत्र में भगवान शिव तारक मंत्र का उपदेश देते हैं।
महत्व
पौराणिक ग्रंथों के अनुसार “अविमुक्त क्षेत्र” वह स्थान है जिसे भगवान शिव कभी नहीं छोड़ते।
मान्यता है कि स्वयं भगवान शिव इस क्षेत्र में सदैव विराजमान रहते हैं और भक्तों की रक्षा करते हैं।
इसी कारण यहाँ स्थापित शिवलिंग “अविमुक्तेश्वर महादेव” के नाम से प्रसिद्ध हुआ
कहा जाता है कि मृत्यु के समय इस क्षेत्र में भगवान शिव तारक मंत्र का उपदेश देते हैं।
आस्था और दर्शन
यहाँ प्रतिदिन श्रद्धालु जल, दूध, बेलपत्र और पुष्प अर्पित कर भगवान शिव की आराधना करते हैं।
विशेष रूप से सावन मास और महाशिवरात्रि पर यहाँ भक्तों की भारी उपस्थिति रहती है।
मान्यता है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना कभी निष्फल नहीं जाती।
विशेष जानकारी
यह मंदिर उज्जैन की मोक्षदायिनी परंपरा से गहराई से जुड़ा हुआ है।
यह मंदिर महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग से बहुत नजदीक स्थित है।
मंदिर का वातावरण बेहद शांत और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर माना जाता है।
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