चौरासी महादेवUjjain, M.P.
84 महादेव, उज्जैन

84 महादेव यात्रा
उज्जैन की दिव्य आभा में एक पवित्र कदम

उज्जैन – महाकाल की नगरी, जहाँ 84 स्वरूपों में विराजमान शिव के 84 महादेव आपकी आत्मा को शुद्ध करने आए हैं। श्रावण माह या पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर, इन दिव्य मंदिरों की यात्रा उन पापों और दोषों से मुक्ति दिलाती है, जिन्हें कहा जाता है कि 84 लाख जन्मों में किए गए हों।

चौरासी चक्र01 — 84

किसी भी मनके पर जाएँ — मंदिर का नाम और स्थान यहाँ दिखेगा।

श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, उज्जैन श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, उज्जैन
बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक

श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग

क्षिप्रा नदी के तट पर स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है और उज्जैन नगरी की आध्यात्मिक पहचान है। यही वह पावन केंद्र है जिसके चारों ओर 84 महादेव मंदिरों की परिक्रमा की परंपरा विकसित हुई।

यह देश का एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है और यहाँ की भस्म आरती विश्व भर के शिवभक्तों के बीच अत्यंत प्रसिद्ध है।

12 ज्योतिर्लिंगों में एकप्रमुख शिव तीर्थ
एकमात्र दक्षिणमुखीविशिष्ट स्वरूप
भस्म आरतीविश्व प्रसिद्ध परंपरा
महाकाल की पावन भूमि

84 महादेव की परंपरा

उज्जैन नगरी को भगवान महाकाल की पावन भूमि कहा जाता है। यह नगर न केवल बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यहाँ स्थित 84 महादेव मंदिरों की परिक्रमा का भी विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है।

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प्राचीन परंपरा

84 महादेव की परंपरा अत्यंत प्राचीन मानी जाती है। मान्यता है कि उज्जैन क्षेत्र में भगवान शिव ने अपने विभिन्न स्वरूपों में 84 स्थानों पर स्वयं को प्रतिष्ठित किया। इन सभी महादेवों के दर्शन और परिक्रमा से भक्त को संपूर्ण शिव कृपा, मानसिक शांति तथा आध्यात्मिक उन्नति की प्राप्ति होती है।

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हमारा उद्देश्य

84 महादेव, उज्जैन से संबंधित समस्त धार्मिक, पौराणिक एवं ऐतिहासिक जानकारी को श्रद्धालुओं तक सरल और प्रमाणिक रूप में पहुँचाना। हम प्रत्येक महादेव मंदिर का विवरण, पौराणिक कथा, धार्मिक महत्व और स्थान संबंधी जानकारी प्रस्तुत करते हैं, ताकि भक्त अपनी परिक्रमा यात्रा को सहज, अर्थपूर्ण और श्रद्धापूर्ण बना सकें।

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किनके लिए

यह वेबसाइट उन सभी शिवभक्तों के लिए समर्पित है जो उज्जैन आकर 84 महादेव परिक्रमा करना चाहते हैं या घर बैठे इस दिव्य परंपरा के बारे में जानना चाहते हैं। हमारा विश्वास है कि भगवान शिव की भक्ति से जीवन में सकारात्मकता, शांति और धर्म का मार्ग प्रशस्त होता है।

एक नज़र में पूरी परिक्रमा

चौरासी चक्र

पहले पड़ाव श्री अगस्तेश्वर से अंतिम श्री दुर्दरेश्वर तक — किसी भी मनके पर क्लिक कीजिए, उस मंदिर की जानकारी नीचे खुल जाएगी।

क्रम 01 से 84स्कंद पुराण · अवंति खंड

किसी भी मनके पर जाएँ — मंदिर का नाम और स्थान यहाँ दिखेगा।

शिव कृपा और आध्यात्मिक मार्गदर्शन हेतु

चौरासी महादेव मंदिर

उज्जैन के 84 महादेव मंदिरों से जुड़ी धार्मिक एवं सांस्कृतिक जानकारी श्रद्धालुओं तक सरल और श्रद्धापूर्ण रूप में पहुँचाना ही हमारी सेवा है।

ॐ नमः शिवाय।

महादेव की कृपा से आपका जीवन शिवमय हो।

महत्वपूर्ण सूचना (Disclaimer)

उज्जैन के चौरासी महादेवों से जुड़ी जानकारी समय, स्थान और परंपराओं के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल श्रद्धालुओं को सामान्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक जानकारी देना है। इसे किसी भी प्रकार की आधिकारिक या अंतिम सत्य जानकारी नहीं माना जाना चाहिए।